खरगे का तंज: मौजूदा राजनीति में प्रचार हावी, काम नदारद
डॉ. मनमोहन सिंह फेलोशिप के उद्घाटन सत्र में कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जहां कम बोलते थे और ज़्यादा काम करते थे, वहीं वर्तमान प्रधानमंत्री बोलते ज़्यादा हैं और काम कम करते हैं।
यह टिप्पणी उन्होंने शुक्रवार को डॉ. मनमोहन सिंह फेलोशिप के उद्घाटन सत्र के दौरान दी, जहाँ उन्होंने देश की मौजूदा राजनीति, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े किए।
विचारधारा और निष्ठा ही असली पूंजी
अपने संबोधन में खरगे ने कहा कि राजनीति में सबसे जरूरी चीज है विचारधारा पर आस्था और निष्ठा। उन्होंने कहा कि कौशल और प्रतिभा तभी कारगर होती है जब उनके पीछे सच्ची सोच और ईमानदारी हो।
खरगे ने कहा, “राजनीति का सफर आसान नहीं होता, बदलाव के लिए धैर्य और दृढ़ विश्वास चाहिए।”
आज प्रचार हावी, काम नदारद
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा, “आज की राजनीति में काम कम और प्रचार ज़्यादा हो रहा है। मनमोहन सिंह संसद में हमेशा मौजूद रहते थे, सवालों के जवाब देते थे। आज के प्रधानमंत्री विपक्ष के सवालों को तौहीन मानते हैं।”
उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार के दौरान जितना विकास हुआ, उसका 10 प्रतिशत भी बीते 11 वर्षों में नहीं हुआ।
कांग्रेस ने हमेशा पेशेवरों को दी जगह
खरगे ने कहा कि कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने हमेशा पढ़े-लिखे पेशेवरों को जगह दी। डॉ. मनमोहन सिंह और राजीव गांधी इसके सर्वोत्तम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, “राजीव गांधी पायलट थे, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने तकनीकी दृष्टिकोण से देश को आगे बढ़ाया।”
बेरोजगारी, असमानता और लोकतंत्र पर संकट
उन्होंने कहा कि भारत आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां एक ओर तकनीकी और आर्थिक प्रगति हो रही है, वहीं दूसरी ओर बेरोजगारी, सामाजिक असमानता और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले गहराते जा रहे हैं। खरगे ने कहा कि ऐसे समय में मनमोहन सिंह फेलोशिप के माध्यम से शोधकर्ताओं की व्यावसायिक दक्षता को आगे लाना बेहद जरूरी है।
राहुल गांधी की यात्रा और वोट चोरी का मुद्दा
अपने संबोधन में खरगे ने यह भी कहा कि तकनीक की मदद से वोट चोरी जैसे बड़े मुद्दे को सामने लाया गया है, जिसे अब राहुल गांधी बिहार में यात्रा के माध्यम से जन आंदोलन बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने भी इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाई है।